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22.12.25

Class 10 History Chapter 1 Important Questions Answer 2026

Class 10 History Chapter 1 - Complete Question Bank (160 Questions)

Class 10 History: यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

Padhein Class 10 History Chapter 1 ke Question Answer Hindi mein. Is post me NCERT solutions aur extra important questions shaamil hain

सम्पूर्ण अध्याय: 100 लघु प्रश्न + 60 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

यह वेबपेज आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए 'रामबाण' है। इसमें पहले 100 एक-शब्द/लघु प्रश्न दिए गए हैं जो आपके रिवीजन के लिए हैं, और उनके नीचे 60 विस्तृत प्रश्न हैं जो 3 या 5 अंकों वाले प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भाग A: 100 महत्वपूर्ण लघु प्रश्न (Short Q&A)
1. फ्रेडरिक सॉरयू और राष्ट्र की कल्पना
Q. 1 . सॉरयू ने चित्रों की श्रृंखला कब बनाई? उत्तर - 1848 में।
Q. 2 . सॉरयू के विजन को क्या कहा गया? उत्तर - कल्पनादर्श (Utopian)।
Q. 3 . निरंकुशवाद का क्या अर्थ है? उत्तर - ऐसी शासन व्यवस्था जिसकी सत्ता पर कोई अंकुश न हो।
Q. 4 . सॉरयू के पहले चित्र में कौन से लोग शामिल थे? उत्तर - यूरोप और अमेरिका के सभी उम्र के स्त्री-पुरुष।
Q. 5 . स्वतंत्रता की प्रतिमा के एक हाथ में क्या था? उत्तर - ज्ञानोदय की मशाल।
Q. 6 . प्रतिमा के दूसरे हाथ में क्या था? उत्तर - मनुष्यों के अधिकारों का घोषणापत्र।
Q. 7 . ज़मीन पर बिखरे अवशेष किसके प्रतीक थे? उत्तर - निरंकुश संस्थानों के।
Q. 8 . सॉरयू के चित्र में राष्ट्रों की पहचान कैसे होती है? उत्तर - उनके झंडों और राष्ट्रीय पोशाक से।
Q. 9 . जुलूस का नेतृत्व कौन से दो राष्ट्र कर रहे थे? उत्तर - संयुक्त राज्य अमेरिका और स्विट्जरलैंड।
Q. 10 . जर्मनी के लोग कौन सा झंडा थामे हुए थे? उत्तर - काला, लाल और सुनहरा।
Q. 11 . जर्मन झंडा किस वर्ष की उम्मीदों का प्रतीक था? उत्तर - 1848 की।
Q. 12 . चित्र में स्वर्ग से कौन देख रहा है? उत्तर - ईसा मसीह, संत और फरिश्ते।
Q. 13 . चित्रकार ने फरिश्तों का प्रयोग किस रूप में किया? उत्तर - राष्ट्रों के बीच भाईचारे के प्रतीक के रूप में।
2. राष्ट्र और अर्न्स्ट रेनन
Q. 14 . अर्न्स्ट रेनन कौन था? उत्तर - एक फ्रांसीसी दार्शनिक।
Q. 15 . रेनन ने अपना व्याख्यान कहाँ दिया? उत्तर - सोर्बोन विश्वविद्यालय में (1882)।
Q. 16 . रेनन के अनुसार राष्ट्र का आधार क्या है? उत्तर - लंबे प्रयासों, त्याग और निष्ठा का परिणाम।
Q. 17 . जनमत-संग्रह (Plebiscite) क्या है? उत्तर - एक प्रत्यक्ष मतदान जिससे किसी प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार किया जाता है।
Q. 18 . रेनन के अनुसार राष्ट्र किसकी गारंटी है? उत्तर - स्वतंत्रता की।
Q. 19 . राष्ट्र-राज्य (Nation-state) की क्या विशेषता है? उत्तर - शासकों और नागरिकों में साझा पहचान और इतिहास का भाव होना।
3. फ्रांसीसी क्रांति और राष्ट्रवाद
Q. 20 . राष्ट्रवाद की पहली स्पष्ट अभिव्यक्ति कब हुई? उत्तर - 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के साथ।
Q. 21 . 'ला पात्रे' (la patrie) का क्या अर्थ है? उत्तर - पितृभूमि।
Q. 22 . 'ले सितोयेन' (le citoyen) का क्या अर्थ है? उत्तर - नागरिक।
Q. 23 . क्रांति के बाद कौन सा नया झंडा चुना गया? उत्तर - फ्रांसीसी तिरंगा (Tricolour)।
Q. 24 . स्टेट जनरल का नाम बदलकर क्या रखा गया? उत्तर - नेशनल असेंबली।
Q. 25 . फ्रांसीसी क्रांतिकारियों का मुख्य लक्ष्य क्या था? उत्तर - यूरोप के लोगों को निरंकुश शासकों से मुक्त कराना।
Q. 26 . पेरिस में कौन सी भाषा राष्ट्र की साझा भाषा बनी? उत्तर - फ्रेंच।
Q. 27 . छात्रों ने यूरोप में कौन से क्लब स्थापित किए? उत्तर - जैकोबिन क्लब।
Q. 28 . 1790 के दशक में फ्रांसीसी सेनाएँ कहाँ घुसीं? उत्तर - हॉलैंड, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड और इटली।
4. नेपोलियन और उसके सुधार
Q. 29 . नेपोलियन की संहिता कब लागू हुई? उत्तर - 1804 में।
Q. 30 . 1804 की संहिता को और किस नाम से जाना जाता है? उत्तर - नागरिक संहिता।
Q. 31 . नेपोलियन ने कौन से विशेषाधिकार समाप्त किए? उत्तर - जन्म पर आधारित विशेषाधिकार।
Q. 32 . नेपोलियन ने किसानों को किससे मुक्ति दिलाई? उत्तर - भू-दासत्व और जागीरदारी शुल्कों से।
Q. 33 . व्यापार में सुधार के लिए नेपोलियन ने क्या किया? उत्तर - एक समान कानून, मानक भार और माप लागू किए।
Q. 34 . 1813 में नेपोलियन को कहाँ हार का सामना करना पड़ा? उत्तर - लाइपत्सिग की लड़ाई में।
Q. 35 . विजित क्षेत्रों में फ्रांसीसी शासन के प्रति लोगों की नाराजगी का क्या कारण था? उत्तर - करों में वृद्धि, सेंसरशिप और जबरन सेना में भर्ती।
5. यूरोप में समाज और विचारधारा
Q. 36 . 18वीं सदी के मध्य में यूरोप में क्या नहीं था? उत्तर - राष्ट्र-राज्य।
Q. 37 . हैब्सबर्ग साम्राज्य किन क्षेत्रों पर शासन करता था? उत्तर - ऑस्ट्रिया-हंगरी, टिरोल, बोहेमिया, और लोम्बार्डी-वेनेशिया।
Q. 38 . यूरोप का सबसे प्रभावशाली वर्ग कौन सा था? उत्तर - कुलीन वर्ग।
Q. 39 . कुलीन वर्ग आपस में किस भाषा में बात करता था? उत्तर - फ्रेंच।
Q. 40 . पश्चिमी यूरोप में खेती कौन करता था? उत्तर - किराएदार और छोटे काश्तकार।
Q. 41 . पूर्वी यूरोप में कौन सी व्यवस्था प्रचलित थी? उत्तर - भू-दासत्व।
Q. 42 . नया मध्यवर्ग किन लोगों से बना था? उत्तर - उद्योगपति, व्यापारी और पेशेवर लोग।
Q. 43 . उदारवाद (Liberalism) किस लातिन शब्द से बना है? उत्तर - 'लिबर' (liber), जिसका अर्थ है आज़ाद।
Q. 44 . आर्थिक क्षेत्र में उदारवाद का क्या अर्थ था? उत्तर - बाजारों की मुक्ति और पूंजी के आवागमन पर नियंत्रण की समाप्ति।
Q. 45 . 1833 में हैम्बर्ग से न्युरेमबर्ग जाने वाले व्यापारी को कितने सीमा शुल्क देने पड़ते थे? उत्तर - 11।
Q. 46 . जॉलवेराइन (Zollverein) क्या था? उत्तर - एक शुल्क संघ।
Q. 47 . जॉलवेराइन की स्थापना कब और किसकी पहल पर हुई? उत्तर - 1834 में, प्रशा की पहल पर।
Q. 48 . जॉलवेराइन ने मुद्राओं की संख्या कितनी कर दी? उत्तर - 30 से घटाकर 2।
6. रूढ़िवाद और क्रांतिकारी
Q. 49 . नेपोलियन की हार कब हुई? उत्तर - 1815 में।
Q. 50 . रूढ़िवाद किस पर जोर देता है? उत्तर - परंपरा, स्थापित संस्थाओं और धीरे-धीरे विकास पर।
Q. 51 . वियना कांग्रेस (1815) की मेज़बानी किसने की? उत्तर - ड्यूक मेटरनिख ने।
Q. 52 . वियना संधि का मुख्य उद्देश्य क्या था? उत्तर - नेपोलियन द्वारा किए गए बदलावों को खत्म करना।
Q. 53 . फ्रांस में किस वंश को सत्ता में बहाल किया गया? उत्तर - बूरबों वंश।
Q. 54 . नीदरलैंड्स के राज्य में किसे शामिल किया गया? उत्तर - बेल्जियम को।
Q. 55 . ज्यूसेपे मेत्सिनी का जन्म कब और कहाँ हुआ? उत्तर - 1805 में, जेनोआ में।
Q. 56 . मेत्सिनी ने कौन सा गुप्त संगठन मार्सेई में बनाया? उत्तर - यंग इटली।
Q. 57 . मेत्सिनी ने बर्न में कौन सा संगठन बनाया? उत्तर - यंग यूरोप।
Q. 58 . मेटरनिख ने मेत्सिनी को क्या कहकर पुकारा? उत्तर - "हमारी सामाजिक व्यवस्था का सबसे खतरनाक दुश्मन"।
7. क्रांतियों का युग (1830-1848)
Q. 59 . जुलाई क्रांति (1830) कहाँ हुई? उत्तर - फ्रांस में।
Q. 60 . मेटरनिख का प्रसिद्ध कथन क्या था? उत्तर - "जब फ्रांस छींकता है तो बाकी यूरोप को सर्दी-जुकाम हो जाता है"।
Q. 61 . यूनानी स्वतंत्रता संग्राम कब शुरू हुआ? उत्तर - 1821 में।
Q. 62 . लॉर्ड बायरन की मृत्यु कब हुई? उत्तर - 1824 में, बुखार से।
Q. 63 . कुस्तुनतुनिया की संधि कब हुई? उत्तर - 1832 में।
Q. 64 . रोमानीवाद क्या था? उत्तर - एक सांस्कृतिक आंदोलन जो भावनाओं और अंतर्दृष्टि पर आधारित था।
Q. 65 . योहन गॉटफ्रीड हर्डर ने किस पर जोर दिया? उत्तर - लोक संस्कृति और राष्ट्र की आत्मा (volkgeist) पर।
Q. 66 . ग्रिम बंधुओं ने क्या एकत्रित किया? उत्तर - लोक कथाएँ।
Q. 67 . पोलैंड में रूसी शासन के विरुद्ध क्या हथियार बना? उत्तर - भाषा (पोलिश)।
Q. 68 . 1830 के दशक को क्या कहा गया? उत्तर - भारी कठिनाइयों का वर्ष।
Q. 69 . 1848 में फ्रांस के किस राजा को भागना पड़ा? उत्तर - लुई फिलिप को।
Q. 70 . सिल्लेसिया के बुनकरों ने विद्रोह कब किया? उत्तर - 1845 में।
Q. 71 . फ्रैंकफर्ट संसद कब आयोजित हुई? उत्तर - 18 मई 1848 को।
Q. 72 . फ्रैंकफर्ट संसद कहाँ हुई? उत्तर - सेंट पॉल चर्च में।
Q. 73 . नारीवाद (Feminism) क्या है? उत्तर - महिलाओं के अधिकारों और हितों का बोध।
Q. 74 . विचारधारा (Ideology) किसे कहते हैं? उत्तर - सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि दर्शाने वाले विचारों का समूह।
8. जर्मनी और इटली का एकीकरण
Q. 75 . जर्मनी के एकीकरण का सूत्रधार कौन था? उत्तर - ऑटो वॉन बिस्मार्क।
Q. 76 . बिस्मार्क ने किसकी मदद ली? उत्तर - प्रशा की सेना और नौकरशाही की।
Q. 77 . जर्मनी का सम्राट किसे घोषित किया गया? उत्तर - विलियम प्रथम को।
Q. 78 . जर्मन साम्राज्य की घोषणा कब हुई? उत्तर - 18 जनवरी 1871 को।
Q. 79 . एकीकरण से पहले इटली कितने राज्यों में बँटा था? उत्तर - 7 राज्यों में।
Q. 80 . सार्डिनिया-पीडमोंट पर किसका शासन था? उत्तर - इतालवी राजघराने का।
Q. 81 . इटली के एकीकरण का नेतृत्व किसने किया? उत्तर - कावूर ने।
Q. 82 . गैरीबाल्डी के स्वयंसेवकों को क्या कहा जाता था? उत्तर - रेड शर्ट्स (Red Shirts)।
Q. 83 . एकीकृत इटली का राजा कौन बना? उत्तर - विक्टर इमैनुएल द्वितीय (1861)।
9. ब्रिटेन और राष्ट्र के रूपक
Q. 84 . इंग्लैंड में राजतंत्र से शक्ति कब छीनी गई? उत्तर - 1688 में।
Q. 85 . एक्ट ऑफ यूनियन (1707) किनके बीच हुआ? उत्तर - इंग्लैंड और स्कॉटलैंड।
Q. 86 . आयरलैंड को यूके में कब शामिल किया गया? उत्तर - 1801 में।
Q. 87 . नृजातीय (Ethnic) का क्या अर्थ है? उत्तर - साझा नस्ली या सांस्कृतिक पृष्ठभूमि।
Q. 88 . रूपक (Allegory) किसे कहते हैं? उत्तर - किसी अमूर्त विचार को व्यक्ति या चीज़ द्वारा दर्शाना।
Q. 89 . फ्रांस का नारी रूपक कौन था? उत्तर - मारिआन।
Q. 90 . जर्मनी का नारी रूपक कौन था? उत्तर - जर्मेनिया।
Q. 91 . जर्मेनिया किसका मुकुट पहनती थी? उत्तर - बलूत के पत्तों का।
Q. 92 . बलूत किसका प्रतीक है? उत्तर - वीरता का।
10. राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद
Q. 93 . 1871 के बाद यूरोप में तनाव का क्षेत्र कौन सा था? उत्तर - बाल्कन।
Q. 94 . बाल्कन क्षेत्र के निवासियों को क्या कहा जाता था? उत्तर - स्लाव।
Q. 95 . बाल्कन क्षेत्र किस साम्राज्य के अधीन था? उत्तर - ऑटोमन साम्राज्य।
Q. 96 . यूरोपीय शक्तियों के बीच बाल्कन को लेकर क्या हुआ? उत्तर - गहरा टकराव और प्रतिस्पर्धा।
Q. 97 . बाल्कन समस्या का अंतिम परिणाम क्या हुआ? उत्तर - प्रथम विश्व युद्ध।
Q. 98 . साम्राज्यवाद विरोधी आंदोलन कैसे थे? उत्तर - राष्ट्रवादी।
Q. 99 . टूटी हुई बेड़ियाँ किसका प्रतीक हैं? उत्तर - आज़ादी मिलना।
Q. 100 . उगते सूर्य की किरणें किसका प्रतीक हैं? उत्तर - एक नए युग का सूत्रपात।
भाग B: 60 महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Q&A)
1. राष्ट्रवाद की दृश्य कल्पना और वैचारिक आधार
Q. 1 . फ्रेडरिक सॉरयू के 1848 के चित्रों की श्रृंखला में राष्ट्रवाद के 'कल्पनादर्श' की व्याख्या कीजिए। उत्तर - सॉरयू ने चार चित्रों के माध्यम से 'जनतांत्रिक और सामाजिक गणतंत्रों' का स्वप्न रचा था। उन्होंने दिखाया कि यूरोप और अमेरिका के लोग एक लंबी कतार में स्वतंत्रता की प्रतिमा की वंदना कर रहे हैं। प्रतिमा के एक हाथ में ज्ञानोदय की मशाल और दूसरे में मनुष्यों के अधिकारों का घोषणापत्र है। ज़मीन पर निरंकुश संस्थानों के अवशेष बिखरे हैं, जो राजशाही के अंत का प्रतीक हैं। सॉरयू के अनुसार, राष्ट्रों की पहचान उनके झंडों और राष्ट्रीय पोशाक से होती है।
Q. 2 . अर्न्स्ट रेनन ने 'राष्ट्र' को किस प्रकार परिभाषित किया और उनके अनुसार इसके अनिवार्य तत्व क्या हैं? उत्तर - रेनन के अनुसार, राष्ट्र समान भाषा, नस्ल या धर्म से नहीं बनता, बल्कि यह लंबे प्रयासों, त्याग और निष्ठा का चरम बिंदु है। उन्होंने अतीत के समान गौरव और वर्तमान के साझा संकल्प को राष्ट्र के लिए अनिवार्य माना। उनके लिए राष्ट्र एक 'बड़ी और व्यापक एकता' है जिसका अस्तित्व 'रोज़ होने वाला जनमत-संग्रह' है। वे राष्ट्रों को स्वतंत्रता की गारंटी मानते थे क्योंकि केवल एक नियम और एक मालिक होने से स्वतंत्रता का लोप हो जाता।
Q. 3 . 19वीं सदी के दौरान यूरोप में राष्ट्र-राज्य के उदय की प्रक्रिया और कारकों का वर्णन कीजिए। उत्तर - 18वीं सदी के अंत तक यूरोप में कोई राष्ट्र-राज्य नहीं थे, केवल बहु-राष्ट्रीय साम्राज्य थे। राष्ट्रवाद एक ऐसी शक्ति बनकर उभरा जिसने यूरोप के राजनीतिक और मानसिक जगत में भारी परिवर्तन किए। इसके कारकों में मध्यम वर्ग का उदय, उदारवादी विचारधारा का प्रसार और क्रांतियों का युग शामिल था। इस प्रक्रिया ने अंततः बहु-राष्ट्रीय वंशों के स्थान पर ऐसे राष्ट्र-राज्यों को जन्म दिया जहाँ नागरिकों में साझा पहचान और इतिहास का भाव था।
Q. 4 . निरंकुशवाद (Absolutism) से क्या तात्पर्य है और राष्ट्रवाद ने इसे कैसे चुनौती दी? उत्तर - निरंकुशवाद का अर्थ ऐसी शासन व्यवस्था से है जिसकी सत्ता पर किसी का कोई अंकुश नहीं होता; यह सैन्य बल पर आधारित और दमनकारी होती है। फ्रांसीसी क्रांति और राष्ट्रवाद ने इस विचार को चुनौती दी कि प्रभुसत्ता किसी एक राजा में नहीं बल्कि नागरिकों के समूह में निहित है। उदारवादी राष्ट्रवाद ने निरंकुश शासन और पादरी वर्ग के विशेषाधिकारों की समाप्ति की मांग की।
Q. 5 . सॉरयू के चित्रों में ईसा मसीह और संतों के चित्रण का क्या प्रतीकात्मक महत्व है? उत्तर - चित्र में स्वर्ग से ईसा मसीह, संत और फरिश्ते दुनिया के राष्ट्रों को देख रहे हैं। सॉरयू ने इनका उपयोग दुनिया के राष्ट्रों के बीच 'भाईचारे' के प्रतीक के रूप में किया है। यह दर्शाता है कि राष्ट्रों का निर्माण और उनकी एकता ईश्वर द्वारा समर्थित एक प्राकृतिक और पवित्र प्रक्रिया है।
2. फ्रांसीसी क्रांति और सामूहिक पहचान का निर्माण
Q. 6 . फ्रांसीसी क्रांतिकारियों ने फ्रांसीसी लोगों में 'सामूहिक पहचान' की भावना पैदा करने के लिए क्या कदम उठाए? उत्तर - उन्होंने 'पितृभूमि' और 'नागरिक' जैसे विचारों पर बल दिया ताकि एक संयुक्त समुदाय की धारणा मज़बूत हो। नया तिरंगा झंडा चुना गया जिसने पुराने राजध्वज की जगह ली। 'स्टेट जनरल' का नाम बदलकर 'नेशनल असेंबली' किया गया। राष्ट्र के नाम पर नई स्तुतियाँ रची गईं और शहीदों का गुणगान किया गया। समान कानून बनाने वाली एक केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई और फ्रेंच को साझा भाषा बनाया गया।
Q. 7 . फ्रांसीसी क्रांति के राजनीतिक और संवैधानिक परिणामों की विस्तृत व्याख्या कीजिए। उत्तर - 1789 की क्रांति से प्रभुसत्ता राजतंत्र से निकलकर फ्रांसीसी नागरिकों के समूह में हस्तांतरित हो गई। क्रांति ने घोषणा की कि अब लोगों द्वारा राष्ट्र का गठन होगा और वे ही उसकी नियति तय करेंगे। इससे आंतरिक आयात-निर्यात शुल्क समाप्त हुए और भार तथा मापन की समान व्यवस्था लागू की गई। यूरोप के अन्य हिस्सों में भी निरंकुश शासकों से मुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
Q. 8 . जैकोबिन क्लबों की भूमिका और फ्रांसीसी सेनाओं द्वारा राष्ट्रवाद के विचार को विदेशों में ले जाने का वर्णन करें। उत्तर - फ्रांस की घटनाओं की खबर मिलने पर यूरोप के शहरों में छात्र और मध्यम वर्ग के लोग 'जैकोबिन क्लबों' की स्थापना करने लगे। उनकी गतिविधियों ने फ्रांसीसी सेनाओं के लिए रास्ता तैयार किया। 1790 के दशक में फ्रांसीसी सेनाएँ हॉलैंड, बेल्जियम और इटली के बड़े इलाकों में घुसीं और 'राष्ट्रवाद के विचार' को विदेशों में फैलाया।
3. नेपोलियन का शासन और उसके सुधार
Q. 9 . नेपोलियन की 1804 की 'नागरिक संहिता' (नेपोलियन की संहिता) की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए। उत्तर - इसने जन्म पर आधारित विशेषाधिकार समाप्त किए और कानून के समक्ष सबकी बराबरी स्थापित की। इसने संपत्ति के अधिकार को सुरक्षित बनाया। डच गणतंत्र, स्विट्जरलैंड, इटली और जर्मनी में इसने प्रशासनिक विभाजनों को सरल बनाया। सामंती व्यवस्था को खत्म किया गया और किसानों को भू-दासत्व से मुक्ति दिलाई गई।
Q. 10 . नेपोलियन ने आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्र में क्या क्रांतिकारी बदलाव किए? उत्तर - नेपोलियन ने शहरों में कारीगरों के श्रेणी-संघों (Guilds) के नियंत्रण हटा दिए। यातायात और संचार व्यवस्थाओं में सुधार किया गया। एक समान कानून, मानक भार और माप, और एक राष्ट्रीय मुद्रा से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में वस्तुओं और पूँजी के आवागमन में भारी सहूलियत हुई।
Q. 11 . विजित क्षेत्रों में फ्रांसीसी शासन के प्रति स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ क्यों थीं? उत्तर - शुरुआत में हॉलैंड, स्विट्जरलैंड और ब्रसेल्स जैसे शहरों में फ्रांसीसी सेना का 'स्वतंत्रता का तोहफा' देने वालों के रूप में स्वागत हुआ। लेकिन बाद में करों में वृद्धि, सेंसरशिप और यूरोप को जीतने के लिए सेना में जबरन भर्ती से लोग नाराज हो गए। प्रशासनिक सुधारों से होने वाले फायदे राजनीतिक स्वतंत्रता के अभाव में छोटे लगने लगे।
Q. 12 . चित्र 'राइनलैंड का डाकिया' (The Postman of Rhineland) नेपोलियन की हार को कैसे दर्शाता है? उत्तर - इस चित्र में नेपोलियन को 1813 की लाइपत्सिग की लड़ाई हारकर फ्रांस लौटते हुए एक डाकिए के रूप में दिखाया गया है। उसके झोले से गिरती चिट्ठियों पर उन क्षेत्रों के नाम लिखे हैं जिन्हें वह युद्ध में हार चुका था। यह नेपोलियन के साम्राज्य के पतन का एक व्यंग्यात्मक चित्रण है।
4. यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय - सामाजिक परिप्रेक्ष्य
Q. 13 . 18वीं सदी के मध्य में यूरोप की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति का वर्णन कीजिए। उत्तर - यूरोप में कोई आधुनिक राष्ट्र-राज्य नहीं थे; वह राजशाहियों, डचियों और कैंटनों में बँटा था। पूर्वी और मध्य यूरोप में निरंकुश राजतंत्र थे जहाँ विभिन्न भाषाओं और जातीय समूहों के लोग रहते थे। उदाहरण के लिए, हैब्सबर्ग साम्राज्य में जर्मन, इतालवी, मेश्यार और पोलिश जैसी कई भाषाएँ बोली जाती थीं।
Q. 14 . हैब्सबर्ग साम्राज्य की विविधता का वर्णन करें। यहाँ एकता का एकमात्र आधार क्या था? उत्तर - इस साम्राज्य में ऑस्ट्रिया, हंगरी, लोम्बार्डी और वेनेशिया जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल थे। यहाँ कुलीन वर्ग जर्मन बोलता था, जबकि हंगरी में आधे लोग मेश्यार बोलते थे। यहाँ एकता का एकमात्र सूत्र सम्राट के प्रति साझा निष्ठा थी, न कि कोई राष्ट्रीय पहचान।
Q. 15 . 19वीं सदी के 'कुलीन वर्ग' (Aristocracy) की प्रमुख विशेषताओं का विश्लेषण कीजिए। उत्तर - कुलीन वर्ग सामाजिक और राजनीतिक रूप से यूरोप का सबसे प्रभुत्वशाली वर्ग था। वे ग्रामीण ज़मीनों और शहरी हवेलियों के मालिक थे और आपस में फ्रेंच भाषा का प्रयोग करते थे। उनके परिवार वैवाहिक संबंधों से जुड़े थे, लेकिन जनसंख्या के हिसाब से वे एक छोटा समूह थे।
Q. 16 . नए मध्यम वर्ग (Middle Class) का उदय राष्ट्रवाद के विकास से कैसे जुड़ा था? उत्तर - औद्योगिकीकरण के कारण इंग्लैंड और बाद में फ्रांस व जर्मनी में व्यापारी, उद्योगपति और पेशेवर लोगों का एक नया वर्ग उभरा। इसी शिक्षित और उदारवादी मध्यम वर्ग के बीच कुलीन विशेषाधिकारों की समाप्ति और 'राष्ट्रीय एकता' के विचार लोकप्रिय हुए।
5. उदारवादी राष्ट्रवाद और आर्थिक एकीकरण
Q. 17 . 'उदारवादी राष्ट्रवाद' (Liberal Nationalism) के राजनीतिक और सामाजिक मायने क्या थे? उत्तर - उदारवाद का अर्थ व्यक्ति की आज़ादी और कानून के समक्ष सबकी बराबरी था। राजनीतिक रूप से यह सहमति से बनी सरकार, संविधान और संसदीय प्रतिनिधि शासन का पक्षधर था। यह निरंकुश शासन और पादरी वर्ग के विशेषाधिकारों की समाप्ति चाहता था।
Q. 18 . 19वीं सदी के पूर्वार्ध में जर्मन-भाषी क्षेत्रों में व्यापारिक बाधाएँ क्या थीं? उत्तर - नेपोलियन के प्रशासनिक कदमों से 39 राज्यों का एक महासंघ बना था, जहाँ हर राज्य की अपनी मुद्रा और नाप-तौल प्रणाली थी। 1833 में हैम्बर्ग से न्युरेमबर्ग जाकर माल बेचने वाले व्यापारी को 11 सीमा शुल्क नाकों से गुजरना पड़ता था और हर बार 5% शुल्क देना होता था। नाप-तौल की अलग व्यवस्था के कारण गणना में बहुत समय लगता था।
Q. 19 . शुल्क संघ 'जॉलवेराइन' (1834) ने आर्थिक राष्ट्रवाद को कैसे मजबूत किया? उत्तर - प्रशा की पहल पर स्थापित इस संघ में अधिकांश जर्मन राज्य शामिल हुए, जिसने शुल्क अवरोधों को समाप्त कर दिया। इसने मुद्राओं की संख्या 30 से घटाकर केवल 2 कर दी, जिससे व्यापार आसान हुआ। रेलवे के जाल ने गतिशीलता बढ़ाई और आर्थिक हितों को राष्ट्रीय एकीकरण का सहायक बना दिया।
Q. 20 . प्रोफेसर फ्रेडरिक लिस्ट के आर्थिक राष्ट्रवाद संबंधी विचारों की व्याख्या करें। उत्तर - लिस्ट के अनुसार, जॉलवेराइन का लक्ष्य जर्मन लोगों को आर्थिक रूप से एक राष्ट्र में बाँधना था। वे मानते थे कि एक मुक्त आर्थिक व्यवस्था ही राष्ट्रीय भावनाओं के उदय का एकमात्र जरिया है। आर्थिक राष्ट्रवाद प्रांतीय हितों को जोड़कर राष्ट्र की आंतरिक उत्पादकता और बाहरी शक्ति को बढ़ाता है।
6. 1815 के बाद का रूढ़िवाद और विद्रोह
Q. 21 . 1815 के बाद यूरोप में 'नये रूढ़िवाद' की विचारधारा क्या थी? उत्तर - रूढ़िवादी मानते थे कि राजतंत्र, चर्च, सामाजिक ऊँच-नीच और परिवार जैसी पारंपरिक संस्थाओं को सुरक्षित रखना चाहिए। वे नेपोलियन के आधुनिकीकरण को राजतंत्र को मजबूत करने का एक साधन मानते थे। एक आधुनिक सेना, कुशल नौकरशाही और सामंतवाद की समाप्ति को वे निरंकुश राजतंत्रों की शक्ति का आधार मानते थे।
Q. 22 . 'वियना की संधि' (1815) के मुख्य प्रावधानों का विवरण दीजिए। उत्तर - इसका मुख्य उद्देश्य नेपोलियन द्वारा किए गए बदलावों को खत्म करना और बूरबों वंश को फ्रांस की सत्ता में बहाल करना था। फ्रांस के विस्तार को रोकने के लिए उसकी सीमाओं पर नीदरलैंड्स और पीडमोंट जैसे नए राज्य स्थापित किए गए। प्रशा को पश्चिमी सीमा पर नए इलाके दिए गए और ऑस्ट्रिया को उत्तरी इटली का नियंत्रण सौंपा गया।
Q. 23 . रूढ़िवादी शासकों ने 'सेंसरशिप' के नियमों का उपयोग क्यों किया? उत्तर - 1815 में स्थापित रूढ़िवादी सरकारें निरंकुश थीं और वे किसी भी प्रकार की आलोचना या असहमति बर्दाश्त नहीं करती थीं। सेंसरशिप का उद्देश्य अखबारों, किताबों और नाटकों में व्यक्त उन विचारों को रोकना था जिनसे फ्रांसीसी क्रांति की स्वतंत्रता और मुक्ति की झलक मिलती थी।
Q. 24 . 1815 के बाद 'क्रांतिकारी' होने का क्या अर्थ था? उत्तर - क्रांतिकारी होने का अर्थ वियना कांग्रेस के बाद स्थापित राजतंत्रात्मक व्यवस्थाओं का विरोध करना था। वे स्वतंत्रता और मुक्ति के लिए प्रतिबद्ध थे और राष्ट्र-राज्यों की स्थापना को इस संघर्ष का अनिवार्य हिस्सा मानते थे। दमन के डर से उन्होंने गुप्त संगठनों का निर्माण किया।
Q. 25 . ज्यूसेपे मेत्सिनी के जीवन और उनके गुप्त संगठनों के महत्व पर प्रकाश डालें। उत्तर - मेत्सिनी इटली के क्रांतिकारी थे जिन्होंने 'यंग इटली' (मार्सेई) और 'यंग यूरोप' (बर्न) जैसे संगठनों की स्थापना की। उनका मानना था कि राष्ट्र ही मनुष्यों की प्राकृतिक इकाई है और इटली को छोटे राज्यों का पैबंद बनकर नहीं रहना चाहिए। उनके संगठनों में पोलैंड, फ्रांस, इटली और जर्मन राज्यों के समान विचार वाले युवा शामिल थे।
Q. 26 . मेटरनिख ने मेत्सिनी को 'सामाजिक व्यवस्था का सबसे खतरनाक दुश्मन' क्यों कहा? उत्तर - मेत्सिनी ने राजतंत्र का घोर विरोध किया और प्रजातांत्रिक गणतंत्रों के अपने स्वप्न से रूढ़िवादियों को डरा दिया। उनके प्रभाव में जर्मनी, फ्रांस और स्विट्जरलैंड में भी गुप्त संगठन बनने लगे, जो स्थापित रूढ़िवादी व्यवस्था के लिए खतरा थे।
7. क्रांतियों का युग (1830-1848)
Q. 27 . जुलाई 1830 की क्रांति ने यूरोप की राजनीति को कैसे प्रभावित किया? उत्तर - फ्रांस में बूरबों राजाओं को उखाड़ फेंका गया और लुई फिलिप की अध्यक्षता में संवैधानिक राजतंत्र की स्थापना हुई। इस क्रांति ने ब्रसेल्स में विद्रोह भड़काया, जिससे वह 'यूनाइटेड किंगडम ऑफ द नीदरलैंड्स' से अलग हो गया। मेटरनिख ने टिप्पणी की, "जब फ्रांस छींकता है तो बाकी यूरोप को सर्दी-जुकाम हो जाता है"।
Q. 28 . यूनानी स्वतंत्रता संग्राम (1821-1832) के मुख्य चरणों का वर्णन करें। उत्तर - यूनान सदियों से ऑटोमन साम्राज्य का हिस्सा था, लेकिन 1821 में यहाँ आज़ादी का संघर्ष शुरू हुआ। यूनानी राष्ट्रवादियों को निर्वासन में रह रहे यूनानियों और पश्चिमी यूरोपीय कलाकारों का समर्थन मिला। अंग्रेज़ कवि लॉर्ड बायरन ने धन जुटाया। 1832 की कुस्तुनतुनिया की संधि ने यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी।
Q. 29 . कलाकार यूजेन देलाक्रुआ ने यूनानी संघर्ष के प्रति सहानुभूति कैसे जगाई? उत्तर - देलाक्रुआ ने 'द मसैकर एट कियॉस' नामक विशाल चित्र के माध्यम से तुर्कों द्वारा 20,000 यूनानियों के कत्लेआम को चित्रित किया। उन्होंने महिलाओं और बच्चों की पीड़ा को केंद्र बिंदु बनाकर दर्शकों की भावनाओं को झकझोरा। चटक रंगों का प्रयोग करके उन्होंने एक मुस्लिम साम्राज्य के विरुद्ध यूनानियों के प्रति समर्थन जुटाने का प्रयास किया।
8. रोमानीवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
Q. 30 . राष्ट्रवाद के विकास में 'रोमानीवाद' (Romanticism) के योगदान की व्याख्या कीजिए। उत्तर - यह एक सांस्कृतिक आंदोलन था जिसने तर्क-वितर्क और विज्ञान के बजाय भावनाओं और अंतर्दृष्टि पर बल दिया। इसका उद्देश्य एक साझा सामूहिक विरासत और सांस्कृतिक अतीत को राष्ट्र का आधार बनाना था। रोमानी विचारकों ने लोकगीतों और लोकनृत्यों को राष्ट्र की सच्ची आत्मा (Volkgeist) का प्रतीक माना।
Q. 31 . ग्रिम बंधुओं ने जर्मन राष्ट्रीय पहचान बनाने के लिए क्या किया? उत्तर - जैकब और विल्हेम ग्रिम ने वर्षों तक घूम-घूमकर पुरानी लोक कथाएँ एकत्रित कीं और उन्हें प्रकाशित किया। उन्होंने 33 खंडों में जर्मन भाषा का शब्दकोश बनाया ताकि जर्मन भाषा को राष्ट्रीय पहचान का आधार बनाया जा सके। वे लोक कथाओं को 'सच्ची जर्मन भावना' की अभिव्यक्ति मानते थे।
Q. 32 . 18वीं-19वीं सदी में पोलैंड में भाषा किस प्रकार राष्ट्रीय प्रतिरोध का प्रतीक बनी? उत्तर - रूसी कब्जे के बाद पोलिश भाषा को हटाकर रूसी भाषा थोप दी गई, जिसके विरुद्ध 1831 में सशस्त्र विद्रोह हुआ। पादरियों ने चर्च के आयोजनों और धार्मिक शिक्षा में पोलिश भाषा का उपयोग कर इसे हथियार बनाया। रूसी अधिकारियों ने विरोध करने वाले पादरियों को साइबेरिया भेज दिया, जिससे भाषा रूसी प्रभुत्व के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक बन गई।
Q. 33 . 'ओपेरा' और 'लोक नृत्य' राष्ट्रवाद की भावनाओं को जगाने में कैसे सहायक बने? उत्तर - पोलैंड में कैरोल कुप्रिंस्की ने राष्ट्रीय संघर्ष का अपने ओपेरा और संगीत से गुणगान किया। उन्होंने 'पोलोनेस' और 'माज़ूरका' जैसे लोक नृत्यों को राष्ट्रीय प्रतीकों में बदल दिया, जिससे लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना जगी।
9. आर्थिक कठिनाइयाँ और जन-विद्रोह
Q. 34 . 1830 के दशक में यूरोप को किन 'भारी कठिनाइयों' का सामना करना पड़ा? उत्तर - जनसंख्या में तीव्र वृद्धि हुई और रोजगार की तलाश में ग्रामीण आबादी शहरों की झुग्गियों में भर गई। इंग्लैंड से आयातित मशीनी सस्ते कपड़े ने स्थानीय बुनकरों को कड़ी प्रतिस्पर्धा दी। फसलों के खराब होने और खाने-पीने की चीज़ों की बढ़ती कीमतों ने शहरों और गाँवों में व्यापक गरीबी फैला दी।
Q. 35 . 1848 में फ्रांस में गणतंत्र की घोषणा किन परिस्थितियों में हुई? उत्तर - खाद्य सामग्री की कमी और बेरोज़गारी से परेशान पेरिस के लोग सड़कों पर उतर आए। अवरोधों के कारण राजा लुई फिलिप को भागने पर मजबूर होना पड़ा। नेशनल असेंबली ने गणतंत्र की घोषणा की और 21 वर्ष से ऊपर के सभी वयस्क पुरुषों को मताधिकार और काम के अधिकार की गारंटी दी।
Q. 36 . 1845 के सिल्लेसियाई बुनकरों के विद्रोह के कारणों पर प्रकाश डालें? उत्तर - बुनकरों ने उन ठेकेदारों के खिलाफ विद्रोह किया जो उन्हें कच्चा माल देते थे लेकिन तैयार माल की बहुत कम कीमत देते थे। 4 जून 1845 को बुनकरों की भीड़ ने ठेकेदार की कोठी पर हमला कर दिया। सेना की मदद से विद्रोह को दबाया गया, जिसमें 11 बुनकर मारे गए।
10. उदारवादियों की क्रांति (1848)
Q. 37 . उदारवादियों की 1848 की क्रांति से क्या तात्पर्य है? उत्तर - यह शिक्षित मध्यम वर्ग के स्त्री-पुरुषों का आंदोलन था जो संविधानवाद और राष्ट्रीय एकीकरण की मांग कर रहे थे। जर्मनी, इटली और पोलैंड जैसे क्षेत्रों में वे राष्ट्र-राज्य के निर्माण पर बल दे रहे थे। उनकी मांगें संविधान, प्रेस की स्वतंत्रता और संगठन बनाने की आज़ादी जैसे संसदीय सिद्धांतों पर टिकी थीं।
Q. 38 . 'फ्रैंकफर्ट संसद' (18 मई 1848) की घटना और उसके महत्व का वर्णन करें। उत्तर - 831 निर्वाचित प्रतिनिधियों ने सेंट पॉल चर्च में आयोजित संसद में अपना स्थान ग्रहण किया। उन्होंने एक जर्मन राष्ट्र के लिए संविधान का मसौदा तैयार किया, जिसकी अध्यक्षता एक राजा को करनी थी जो संसद के अधीन रहे। यह संसद उदारवादी मध्यम वर्ग की राजनीतिक आकांक्षाओं का सबसे बड़ा प्रदर्शन थी।
Q. 39 . फ्रैंकफर्ट संसद विफल क्यों रही? उत्तर - प्रशा के राजा फ्रेडरिक विल्हेम चतुर्थ ने निर्वाचित सभा को अस्वीकार कर दिया और अन्य राजाओं का साथ दिया। संसद ने मज़दूरों और कारीगरों की मांगों का विरोध किया, जिससे उसने अपना सामाजिक समर्थन खो दिया। अंततः सेना बुलाई गई और असेंबली को भंग होना पड़ा।
Q. 40 . उदारवादी आंदोलन में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और संघर्ष की व्याख्या करें। उत्तर - महिलाओं ने अपने राजनीतिक संगठन बनाए, अखबार निकाले और बैठकों व प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से भाग लिया। इतने संघर्ष के बावजूद, फ्रैंकफर्ट संसद के चुनाव के दौरान उन्हें मताधिकार से वंचित रखा गया। संसद की बैठक में उन्हें केवल दर्शक दीर्घा में खड़े होने की अनुमति दी गई।
Q. 41 . दार्शनिक कार्ल वेल्कर के अनुसार स्त्री-पुरुष के बीच कार्यों का बँटवारा क्या था? उत्तर - वेल्कर का मानना था कि प्रकृति ने पुरुषों को ताकतवर और निर्भीक बनाया है, इसलिए उनका क्षेत्र कानून और सार्वजनिक कार्य है। उनके अनुसार महिलाएँ कमज़ोर और दब्बू हैं, इसलिए उनका क्षेत्र घर और बच्चों की देखभाल है। वे मानते थे कि लिंगों में समानता परिवार की गरिमा को खतरे में डाल देगी।
Q. 42 . लुईज़ ओटो-पीटर्स ने पुरुषों की 'स्वतंत्रता' संबंधी सोच पर क्या कटाक्ष किया? उत्तर - उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वे पुरुष, जो अपनी आज़ादी के लिए लड़ रहे हैं, वास्तव में सभी इंसानों की आज़ादी के लिए तैयार हैं। उन्होंने लिखा कि स्वतंत्रता अभाज्य है और पुरुषों को यह मंजूर नहीं होना चाहिए कि वे खुद स्वतंत्र हों और उनके आसपास परतंत्रता (महिलाएँ) हो।
Q. 43 . 1848 के बाद रूढ़िवादी शासकों ने अपनी नीतियों में क्या बदलाव किए? उत्तर - राजाओं ने समझा कि रियायतें देकर ही क्रांति के चक्र को समाप्त किया जा सकता है। हब्सबर्ग क्षेत्र और रूस में भू-दासत्व और बंधुआ मज़दूरी को समाप्त कर दिया गया। हंगरी के लोगों को अधिक स्वायत्तता प्रदान की गई।
11. जर्मनी और इटली का एकीकरण
Q. 44 . ऑटो वॉन बिस्मार्क को जर्मन एकीकरण का जनक क्यों कहा जाता है? उत्तर - बिस्मार्क ने प्रशा की सेना और नौकरशाही की मदद से एकीकरण की प्रक्रिया का नेतृत्व किया। उन्होंने सात वर्ष के दौरान ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और फ्रांस के साथ तीन युद्धों में जीत हासिल की। उन्होंने राष्ट्रीय एकीकरण के लिए रूढ़िवादी भावनाओं का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया।
Q. 45 . नए जर्मन साम्राज्य (1871) की प्रमुख उपलब्धियाँ और प्राथमिकताएँ क्या थीं? उत्तर - विलियम प्रथम को वर्साय के शीशमहल में सम्राट घोषित किया गया, जो प्रशा की शक्ति का प्रदर्शन था। नए राज्य ने मुद्रा, बैंकिंग, और कानूनी प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर विशेष बल दिया। प्रशा की प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यवाहियाँ बाकी जर्मनी के लिए एक मॉडल बनीं।
Q. 45 . नए जर्मन साम्राज्य (1871) की प्रमुख उपलब्धियाँ और प्राथमिकताएँ क्या थीं? उत्तर - विलियम प्रथम को वर्साय के शीशमहल में सम्राट घोषित किया गया, जो प्रशा की शक्ति का प्रदर्शन था। नए राज्य ने मुद्रा, बैंकिंग, और कानूनी प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर विशेष बल दिया। प्रशा की प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यवाहियाँ बाकी जर्मनी के लिए एक मॉडल बनीं।
Q. 46 . एकीकरण से पूर्व इटली की राजनीतिक स्थिति का विश्लेषण करें। उत्तर - इटली सात राज्यों में बँटा था, जिसमें केवल सार्डिनिया-पीडमोंट में इतालवी राजवंश का शासन था। उत्तर में ऑस्ट्रियाई हब्सबर्ग, मध्य में पोप और दक्षिण में स्पेन के बूरबों राजाओं का नियंत्रण था। इतालवी भाषा का कोई साझा रूप नहीं था और कई क्षेत्रीय बोलियाँ प्रचलित थीं।
Q. 47 . इटली के एकीकरण में मंत्री प्रमुख कावूर का क्या योगदान था? उत्तर - कावूर ने फ्रांस के साथ एक चतुर कूटनीतिक संधि की, जिससे 1859 में ऑस्ट्रियाई सेना को हराया जा सका। वे न तो क्रांतिकारी थे और न ही लोकतंत्रवादी, फिर भी उन्होंने एकीकरण आंदोलन का सफल नेतृत्व किया।
Q. 48 . ज्यूसेपे गैरीबाल्डी और उनके 'रेड शर्ट्स' (Red Shirts) की भूमिका स्पष्ट करें। उत्तर - गैरीबाल्डी ने 1860 में दक्षिणी इटली और 'दो सिशलियों के राजतंत्र' में हज़ारों स्वयंसेवकों के साथ प्रवेश किया। उन्होंने स्थानीय किसानों का समर्थन प्राप्त कर स्पेनिश शासकों को बाहर निकालने में सफलता पाई। वे इटली के एकीकरण के सबसे प्रसिद्ध योद्धा माने जाते हैं।
Q. 49 . इटली के एकीकरण (1861) के समय वहाँ के लोगों की जागरूकता कैसी थी? उत्तर - इटली के अधिकांश लोग अनपढ़ थे और उदारवादी-राष्ट्रवादी विचारधारा से अनजान थे। दक्षिणी इटली के किसानों ने 'बोटाली' (Italia) शब्द का अर्थ राजा विक्टर इमैनुएल की पत्नी (La Talia) समझा था।
12. ब्रिटेन और राष्ट्र की दृश्य-कल्पना
Q. 50 . ब्रिटेन में राष्ट्र-राज्य का निर्माण एक लंबी प्रक्रिया का परिणाम कैसे था? उत्तर - यह कोई अचानक क्रांति नहीं थी; 1688 में संसद ने राजतंत्र से शक्ति छीनी और एक राष्ट्र-राज्य की नींव रखी। ब्रिटेन के द्वीपसमूह में रहने वाले अंग्रेज, वेल्श, स्कॉट और आयरिश लोगों की पहचान पहले 'नृजातीय' थी।
Q. 51 . एक्ट ऑफ यूनियन (1707) के स्कॉटलैंड पर क्या प्रभाव पड़े? उत्तर - इससे 'यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन' बना और स्कॉटलैंड की राजनीतिक संस्थाओं को दबा दिया गया। स्कॉटिश लोगों को अपनी गैलिक भाषा बोलने और राष्ट्रीय पोशाक पहनने से मना कर दिया गया।
Q. 52 . आयरलैंड को यूनाइटेड किंगडम (1801) में किस प्रकार शामिल किया गया? उत्तर - अंग्रेजों ने आयरलैंड के प्रोटेस्टेंटों को बहुसंख्यक कैथोलिकों पर प्रभुत्व बढ़ाने में मदद की। 1798 के एक असफल विद्रोह के बाद आयरलैंड को बलपूर्वक यूनाइटेड किंगडम में मिला लिया गया और ब्रिटिश संस्कृति थोपी गई।
Q. 53 . 'रूपक' (Allegory) किसे कहते हैं और कलाकारों ने इसका उपयोग क्यों किया? उत्तर - जब किसी अमूर्त विचार (जैसे स्वतंत्रता या लालच) को किसी व्यक्ति या वस्तु के ज़रिए दर्शाया जाता है। कलाकारों ने राष्ट्र को एक नारी रूप देकर उसे एक ठोस चेहरा प्रदान किया, ताकि जनता उससे जुड़ाव महसूस कर सके।
Q. 54 . फ्रांसीसी रूपक 'मारिआन' (Marianne) की विशेषताओं का वर्णन करें। उत्तर - मारिआन के प्रतीकों में लाल टोपी, तिरंगा और कलगी शामिल थे, जो स्वतंत्रता और गणतंत्र को दर्शाते थे। उसकी प्रतिमाएँ सार्वजनिक चौकों पर लगाई गईं और सिक्कों व डाक टिकटों पर उसकी तस्वीर अंकित की गई।
Q. 55 . जर्मन रूपक 'जर्मेनिया' (Germania) के विभिन्न अंगों का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है? उत्तर - जर्मेनिया बलूत के पत्तों का मुकुट पहनती है, जो वीरता का प्रतीक है। उसके हाथ की तलवार मुकाबले की तैयारी और तलवार पर लिपटी जैतून की डाली शांति की इच्छा दर्शाती है।
Q. 56 . 1848 और 1850 के जर्मेनिया के चित्रों में क्या अंतर दिखाई देता है? उत्तर - 1848 के चित्र में वह हाथ में तिरंगा लिए नए युग की उम्मीदों का प्रतीक थी। 1850 के चित्र 'grataas जर्मेनिया' में उसे हताश और ज़मीन पर गिरा हुआ दिखाया गया है, जो 1848 की क्रांति की विफलता का संकेत है।
13. राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद
Q. 57 . 1871 के बाद यूरोप में राष्ट्रवाद का स्वरूप साम्राज्यवाद में कैसे बदल गया? उत्तर - राष्ट्रवाद अब उदारवादी और जनतांत्रिक सिद्धांत के बजाय संकीर्ण और हिंसक संघर्ष का जरिया बन गया। प्रमुख यूरोपीय शक्तियों ने अपनी साम्राज्यवादी आकांक्षाओं के लिए जनता की राष्ट्रवादी भावनाओं का इस्तेमाल किया।
Q. 58 . बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवादी तनाव पनपने के मुख्य भौगोलिक और जातीय कारण क्या थे? उत्तर - बाल्कन में आधुनिक रोमानिया, बुल्गारिया, यूनान और सर्बिया जैसे देश शामिल थे, जहाँ रहने वाले लोगों को 'स्लाव' कहा जाता था। ऑटोमन साम्राज्य के विखंडन और स्लाव राष्ट्रों के बीच अपनी आज़ादी के दावों ने स्थिति विस्फोटक बना दी।
Q. 59 . बाल्कन समस्या ने प्रथम विश्व युद्ध (1914) का मार्ग कैसे प्रशस्त किया? उत्तर - विभिन्न स्लाव राष्ट्र एक-दूसरे से ईर्ष्या करते थे और अधिक इलाका हथियाने की होड़ में थे। रूस, जर्मनी और इंग्लैंड जैसी बड़ी शक्तियों ने बाल्कन पर प्रभाव बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धा की, जिससे युद्धों की श्रृंखला शुरू हुई।
Q. 60 . साम्राज्यवाद विरोधी आंदोलनों ने वैश्विक राष्ट्रवाद को कैसे प्रभावित किया? उत्तर - उपनिवेशों के लोगों ने साम्राज्यवादी प्रभुत्व का विरोध करते हुए अपनी सामूहिक एकता और विशिष्ट राष्ट्रवाद विकसित किया। अंततः यह विचार सार्वभौम मान लिया गया कि समाजों को 'राष्ट्र-राज्यों' में गठित होना चाहिए।

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